चिनिले ना आमारे कि
Chinile na amare
प्रेम
चिनिले ना आमारे कि। दीपहारा कोणे आमि छिनु अन्यमने, फिरे गेले कारेओ ना देखि ॥ द्वारे एसे गेले भुले परशने द्वार येत खुले– मोर भाग्यतरी एटुकु वाधाय़ गेल ठेकि॥ झड़ेर राते छिनु प्रहर गणि। हाय़, शुनि नाइ, शुनि नाइ रथेर ध्वनि तव रथेर ध्वनि। गुरुगुरु गरजने काँपि वक्ष धरिय़ाछिनु चापि, आकाशे विद्युৎवह्नि अभिशाप गेल लेखि॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Chinile naa aamare ki. Dipohara kone aami chhinu onyomone, phire gele kaarao na dekhi. Dwaare ese gele bhule parosane dwaar jeto khule - Mor bhaagyotori etuku baadhay gelo theki. Jharer raate chhinu proharo goni. Haay shuni naai, shuni naai rathero dhwoni tabo rather dhwoni. Guru guru garojane knaape bokkho dhoriyachhinu chaapi, Aakashe bidyutobonhi obhishaap gelo lekhi.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1937(১৩৪৪)
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