चोखेर आलोय़ देखेछिलेम चोखेर वाहिरे
Chokher aloy dekhechhilem
पूजा
२५३
चोखेर आलोय़ देखेछिलेम चोखेर वाहिरे।
अन्तरे आज देखव, यखन आलोक नाहि रे॥
धराय़ यखन दाओ ना धरा हृदय़ तखन तोमाय़ भरा,
एखन तोमार आपन आलोय़ तोमाय़ चाहि रे॥
तोमाय़ निय़े खेलेछिलेम खेलार घरेते।
खेलार पुतुल भेङे गेछे प्रलय़ झड़ेते।
थाक् तवे सेइ केवल खेला, होक-ना एखन प्राणेर मेला–
तारेर वीणा भाङल, हृदय़-वीणाय़ गाहि रे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Chokher aaloy dekhechhilem chokher baahire. Antare aaj dekhbo, jakhan aalok naahi re. Dharay jakhon daao na dhara hriday takhon tomay bhara, Ekhon tomar aapan aaloy tomay chaahi re. Tomay niye khelechhilem khelar gharete. Khelar putul bhenge gechhe prolay jharete. Thaak tabe sei kebol khela, hok na ekhon praaner mela - Taarer beena bhaanglo, hriday-binay gaahi re.
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- स्वरलिपि
- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 5 March 1915(২১ ফাল্গুন ১৩২১)
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