धने जने आछि जड़ाय़े हाय़
Dhane jane achhi
पूजा
धने जने आछि जड़ाय़े हाय़,
तवु जानो मन तोमारे चाय़॥
अन्तरे आछ अन्तर्यामी,
आमा चेय़े आमाय़ जानिछ स्वामी–
सव सुखे दुखे भुले थाकाय़
जानो मम मन तोमारे चाय़॥
छाड़िते पारि नि अहङ्कारे,
घुरे मरि शिरे वहिय़ा तारे,
छाड़िते पारिले वाँचि ये हाय़–
तुमि जानो मन तोमारे चाय़।
या आछे आमार सकलइ कवे
निज हाते तुमि तुलिय़ा लवे–
सव छेड़े सव पाव तोमाय़।
मने मने मन तोमारे चाय़॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Dhane jane aachhi jaraye haay, Tobu jaano mon tomare chaay. Antare aachho antarjami, Aama cheye aamay jaanichho swaami - Sab sukhe dukhe bhule thaakay Jaano mamo mon tomare chaay. Chhaarite paari ni ahankare, Ghure mori shire bohiya taare, Chhaarite paarile bnaachi je haay - Tumi jaano mon tomare chaay. Jaa aachhe aamar sakoli kabe Nijo haate tumi tuliya lobe - Sob chhere sob paabo tomay. Mone mone mon tomare chaay.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- पूजा · 118(পূজা)
- उप-पर्याय
- प्रर्थन(প্রর্থন)
- राग
- सहन(সাহানা)
- ताल
- एक्ताल(একতাল)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- संकलन
- गीतांजलि(গীতাঞ্জলি)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ३७(স্বরবিতান ৩৭)
- स्वरलिपि
- सुरेन्द्रनाथ बंदोपाध्याय
सुरेन्द्रनाथ बंदोपाध्याय1886–1972Musician of the Vishnupur gharana, known as Sangitratnakar, and a notator of Rabindrasangeet.Eastern Zonal Cultural Centre, from the documentary “The Vishnupur Gharana” · Wikimedia Commons, CC BY 3.0 / भीमराव शास्त्री - रचनाकाल
- 31 August 1909(১৫ ভাদ্র ১৩১৬)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।