दिनेर परे दिन ये गेल
Diner pore din
प्रेम
दिनेर परे दिन ये गेल आँधार घरे,
तोमार आसनखानि
देखे मन ये केमन करे॥
ओगो वँधु, फुलेर साजि मञ्जरीते भरल आजि–
व्यथार हारे गाँथव तारे, राखव चरण-’परे॥
पाय़ेर ध्वनि गणि
गणि रातेर तारा जागे,
उत्तरीय़ेर हाओय़ा
एसे फुलेर वने लागे।
फागुनवेलार वुकेर माझे पथ-चाओय़ा सुर केँदे
वाजे–
प्राणेर कथा भाषा हाराय़, चोखेर जले झरे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Diner pare din-je gelo aandhar ghare, Tomar aasankhaani dekhe mon-je kenon kare. Ogo bnodhu, phuler saaji monjorite bhorlo aaji - Byathar haare gnaathbo taare, raakhbo charono-pare. Paayer dhwoni gani gani raater taara jaage, Uttoriyer haawa ese phuler bone laage. Phaagunbelar buker maajhe pathchaawa sur knede baaje - Praaner katha bhaasha haaray, chokher jale jhare.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1929(১৩৩৬)
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