दुःखराते, हे नाथ, के डाकिले
Dukkhorate he nath
पूजा
२८०
दुःखराते, हे नाथ, के डाकिले–
जागि हेरिनु तव प्रेममुखछवि॥
हेरिनु ऊषालोके विश्व तव कोले,
जागे तव नय़ने प्राते शुभ्र रवि॥
शुनिनु वने उपवने आनन्दगाथा,
आशा हृदय़े वहि नित्य गाहे कवि॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Dukkhoraate, hey naath, ke daakile - Jaagi herinu tabo premomukhochhobi. Herinu ushaloke bishwo tabo kole, Jaage tabo nayone praate shubhro robi. Shuninu bone upobone aanondogaatha, Aasha hridaye bohi nityo gaahe kobi.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1903(১৩১০)
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