द्वारे केन दिले नाड़ा ओगो मालिनी
Dware keno dile nara
प्रेम
द्वारे केन दिले नाड़ा ओगो मालिनी! कार काछे पावे साड़ा ओगो मालिनी॥ तुमि तो तुलेछ फुल, गेँथेछ माला, आमार आँधार घरे लेगेछे ताला। खुँजे तो पाइ नि पथ, दीप ज्वालि नि॥ ओइ देखो गोधूलिर क्षीण आलोते दिनेर शेषेर सोना डोवे कालोते। आँधार निविड़ हले आसिय़ो पाशे, यखन दूरेर आलो ज्वाले आकाशे असीम पथेर राति दीपशालिनी॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Dwaare keno dile naara ogo maalini ! Kaar kaachhe paabe saara ogo maalini ! Tumi to tulechho phul, gnethechho maala, aamar aandhar ghare legechhe taala. Khnuje to paai ni path, deep jwaali ni. Oi dekho godhulir khin aalote Diner shesher sona dobe kaalote. Aandhar nibir hole aasiyo paashe, jakhon durer aalo jwaale aakashe Asim pather raati deeposhalini.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1923(১৩৩০)
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