एवार विदाय़वेलार सुर धरो धरो
Ebar bidaybelar sur
प्रकृति Basanta से
आकन्द - एवार विदाय়वेलार सुर धरो धरो, (ओ चाँपा, ओ करवी) तोमार शेष फुले आज साजि भरो । यावार पथे आकाशतले मेघ राङा हल चोखेर जले, झरे पाता झर झर । हेरो हेरो ओइ रुद्र रवि भाङाय় रक्तछवि । खेय়ातरीर राङा पाले आज लागल हाओय়ा झड়ेर ताले, वेणुवनेर व्याकुल शाखा थर थर ।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ebaar bidayabalar sur dharo dharo, o chnaapa, o karobi ! Tomar shesh phule aaj saaji bharo. Jaabar pathe aakastale megh ranga holo chokher jale, Jhare paata jharojharo. Hero hero oi rudro robi Swapno bhaangay raktochhobi. Kheyatorir ranga paale aaj laaglo haawa jharer taale, Benuboner byakul shaakha tharotharo.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 10 February 1923(২৮ মাঘ ১৩২৯)
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