एवार एल समय़ रे तोर
Ebar elo samay re
प्रकृति
एवार एल समय़ रे तोर शुक्नो-पाता-झरा–
याय़ वेला याय़, रौद्र हल खरा॥
अलस भ्रमर
क्लान्तपाखा मलिन फुलेर दले
अकारणे दोल दिय़े याय़
कोन् खेय़ालेर छले।
स्तव्ध
विजन छाय़ावीथि
वनेर-व्यथा-भरा॥
मनेर माझे गान थेमेछे, सुर नाहि आर लागे-
श्रान्त वाँशि आर तो नाहि जागे।
ये गेँथेछे मालाखानि
से गिय़ेछे भुले,
कोन्काले से पारे
गेल सुदूर नदीकूले।
रइल
रे तोर असीम आकाश,
अवाधप्रसार धरा॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ebaar elo somay re tor shukno-paata-jhora - Jaay bela jaay, roudra holo khara. Alos bhromor klaantopaakha molin phuler dale Akaarane dol diye jaay kon kheyaler chhale. Stabdho bijon chhaayabithee boner-byatha-bhara. Moner maajhe gaan themechhe, sur naahi aar laage - Shraanto bnaashi aar to naahi jaage. Je gnethechhe maalakhaani se giyeche bhule, Konkhane se paare gelo sudur nodikule. Roilo re tor asim aakash, abaadhprosar dhara.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1926(১৩৩৩)
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