एइ वुझि मोर भोरेर तारा
Ei bujhi mor bhorer
प्रेम
एइ वुझि मोर भोरेर
तारा एल साँझेर तारार वेशे।
अवाक-चोखे ओइ चेय़े
रय़ चिरदिनेर हासि हेसे॥
सकल वेला पाइ नि देखा, पाड़ि दिल कखन एका,
नामल आलोक-सागर-पारे अन्धकारेर घाटे एसे॥
सकाल वेला आमार हृदय़
भरिय़ेछिल पथेर गाने,
सन्ध्यावेला वाजाय़
वीणा कोन् सुरे ये केइ वा जाने।
परिचय़ेर रसेर धारा किछुते आर हय़ ना हारा,
वारे वारे नतुन करे चित्त आमार भुलावे से॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ei bujhi mor bhorer taara elo snaajher taarar beshe. Abak-chokhe oi cheye roy chirodiner haasi hese. Sakal bela paai ni dekha, paari dilo kakhon eka, Namlo aalok-saagor-paare andhokarer ghaate ese. Sakal bela aamar hriday bhoriyechhilo pather gaane, Sondhyabela baajai bina kon sure je kei ba jaane. Porichayer raser dhaara kichhute aar hoy na haara, Baare baare natun kore chittoa aamar bhulabe se.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1919(১৩২৬)
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