এই লভিনু সঙ্গ তব
Ei lobhinu songo
Puja
५१६
एइ लभिनु सङ्ग तव, सुन्दर हे सुन्दर!
पुण्य हल अङ्ग मम, धन्य हल
अन्तर सुन्दर हे सुन्दर॥
आलोके मोर
चक्षुदुटि मुग्ध हय़े उठल फुटि,
हृद्गगने पवन हल सौरभेते
मन्थर सुन्दर हे सुन्दर॥
एइ तोमारि परशरागे चित्त हल रञ्जित,
एइ तोमारि मिलनसुधा रइल प्राणे सञ्चित।
तोमार माझे
एमनि क’रे नवीन करि लओ ये मोरे
एइ जनमे घटाले मोर
जन्म-जनमान्तर सुन्दर हे सुन्दर॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ei lobhinu sango tabo, sundaro hey sundaro ! Punyo holo ango mamo, dhonyo holo antaro Sundaro hey sundaro. Aaloke mor chokkhuduti mugdho hoye utthlo phuti, Hridgagone pabono holo sourobhete monthoro Sundaro hey sundaro. Ei tomari paroshoraage chitto holo ronjito, Ei tomari milonosudha roilo praane sonchito. Tomar maajhe emni kore nobin kore lawo je more Ei janome ghatale mor janmo janomantoro Sundaro hey sundaro.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 516(পূজা)
- उप-पर्याय
- Sundar
- राग
- Desh(দেশ)
- ताल
- Jhampak(ঝম্পক)
- संकलन
- Geetimalya
- स्थान
- Ramgarh, The Himalayas
- स्वरबितान खण्ड
- 40
- स्वरलिपि
- Indira Debi Chowdhurani / Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 14 May 1914(৩১ বৈশাখ ১৩২১)
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