एइ मलिन वस्त्र छाड़ते हवे
Ei molin bastro
पूजा
एइ मलिन वस्त्र छाड़ते हवे, हवे गो एइवार–
आमार एइ मलिन अहङ्कार॥
दिनेर काजे धुला लागि अनेक दागे हल दागि,
एमनि तप्त हय़े आछे सह्य करा भार
आमार एइ मलिन अहङ्कार॥
एखन तो काज साङ्ग हल दिनेर अवसाने–
हल रे ताँर आसार समय़, आशा एल प्राणे।
स्नान क’रे आय़ एखन तवे, प्रेमेर वसन परते हवे,
सन्ध्यावने कुसुम तुले गाँथते हवे हार।
ओरे आय़, समय़ नेइ ये आर॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ei molin bastro chhaarte hobe, hobe go eibar- Aamar ei molin ahonkaar. Diner kaaje dhula laagi anek daage holo daagi, Emni tapto hoye aachhe sojhyo kora bhaar. Aamar ei molin ahonkaar. Ekhon to kaaj sango holo diner abosane - Holo re tnaar aasar samoy, aasha elo praane. Snaan kore aay ekhon tabe premer bason porte hobe, Sondhyaboner kusum tule gnathte hobe haar. Ore aay, somoy nei je aar.
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सुरेन्द्रनाथ बंदोपाध्याय1886–1972Musician of the Vishnupur gharana, known as Sangitratnakar, and a notator of Rabindrasangeet.Eastern Zonal Cultural Centre, from the documentary “The Vishnupur Gharana” · Wikimedia Commons, CC BY 3.0 / भीमराव शास्त्री - रचनाकाल
- 5 October 1909(১৯ আশ্বিন ১৩১৬)
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