एकदिन यारा मेरेछिल ताँरे गिय़े
Ekdin jara merechhilo
आनुष्ठानिक संगीत
१४
एकदिन यारा मेरेछिल ताँरे गिय़े
राजार
दोहाइ दिय़े
ए युगे ताराइ जन्म निय़ेछे आजि,
मन्दिरे तारा एसेछे भक्त साजि–
घातक सैन्ये डाकि
‘मारो मारो’ ओठे हाँकि।
गर्जने मिशे पूजामन्त्रेर स्वर–
मानवपुत्र तीव्र व्यथाय़ कहेन, हे ईश्वर!
ए पानपात्र निदारुण विषे भरा
दूरे फेले दाओ, दूरे फेले दाओ त्वरा॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ekdin jaara merechhilo taare giye Raajar dohai diye E juge taarai janmo niyechhe aaji, Mondire taara esechhe bhakto saaji - Ghaatak soinye daaki 'Maaro maaro' otthe hnaaki. Garjone mishe pujamontrer swar - Maanaboputro tibro byathay kahen, hey ishwar ! E paanpaatro nidaruno bishe bhara Dure phele daao, dure phele daao twara.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- आनुष्ठानिक संगीत · 14(আনুষ্ঠানিক সঙ্গীত)
- राग
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- दद्र(দাদরা)
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- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- प्रकाशित
- प्रोबसि(প্রবাসী)
- स्थान
- शांतिनिकेतन, उदिचि(শান্তিনিকেতন, উদীচী)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ५५(স্বরবিতান ৫৫)
- स्वरलिपि
- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1939(১৩৪৬)
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