एखनो केन समय़ नाहि हल
Ekhono keno somoy
प्रेम
५१
एखनो केन समय़ नाहि हल,
नाम-ना-जाना अतिथि–
आघात हानिले ना दुय़ारे, कहिले
ना ‘द्वार खोलो’॥
हाजार लोकेर माझे रय़ेछि एकेला ये–
एसो आमार हठाৎ-आलो, परान चमकि तोलो॥
आँधार वाधा आमार
घरे, जानि ना काँदि काहार तरे।
चरणसेवार साधना आनो, सकल देवार वेदना आनो–
नवीन प्राणेर जागरमन्त्र काने काने वोलो॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ekhono keno samoy naahi holo, naam na-jaana otithi - Aaghat haanile na duware, kohile na 'Dwaar kholo'. Haajar loker maajhe royechhi ekela je - Eso aamar hotthat-aalo, poran chamoki tolo. Aandhar baadha aamar ghore, jaani na knaadi kaahar tore. Charonsebar saadhona aano, sakol debar bedona aano - Nobin praaner jaagoromontro kaane kaane bolo.
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शांतिदेव घोष1910–1999An ashramite of Santiniketan who learnt his songs from Rabindranath himself and travelled with him to Sri Lanka, Java and Bali. Singer, dancer, actor, author and long-serving teacher at Sangit Bhavana.Photographer unknown, 1980 · Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0 - रचनाकाल
- 1936(১৩৪৩)
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