एमनि करेइ याय़ यदि दिन याक-ना
Emni korei jay jodi din
विचित्र
एमनि क’रेइ याय़ यदि दिन याक ना। मन उड़ेछे उड़ुक-ना रे मेले दिय़े गानेर पाख्ना॥ आजके आमार प्राण फोय़ारार सुर छुटेछे, देहेर वाँध टुटेछे– माथार ’परे खुले गेछे आकाशेर ओइ सुनील ढाक्ना॥ धरणी आज मेलेछे तार हृदय़खानि, से येन रे केवल वाणी। कठिन माटि मनके आजि देय़ ना वाधा, से कोन् सुरे साधा– विश्व वले मनेर कथा, काज प’ड़े आज थाके थाक्-ना॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Emni korei jaay jodi din jaak na. Mon urechhe uruk na re Mele diye gaaner paakhna. Aajke aamar praan-phoaarar sur chhutechhe, Deher bnaadh tutechhe - Maathar pore khule gechhe Aakasher oi sunil dhaakna. Dharoni aaj melechhe taar hridoykhaani, Se jeno re kaahar baani. Kothin maati monke aaji dey naa baadha. Se kon sure saadha - Bishwo bale moner katha, Kaaj pore aaj thaake thaak-na.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 14 April 1916(৩১ চৈত্র ১৩২২)
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