एतक्षणे वुझि एलि रे !
Etokhone bujhi eli re
कालमृगया Kaal Mrigaya से · दृश्य 6
एतक्षणे वुझि एलि रे ! हृदिमाझे आय় रे, वाछा रे ! कोथा छिलि वने, ए घोर राते, ए दुर्य्योगे, अन्ध पितारे भुलि ! आछि सारानिशि हाय় रे पथ चाहिय়े, आछि तृषाय় कातर— दे मुखे वारि, काछे आय় रे !
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Etokhone bujhi eli re ! Hridi-maajhe aay re, baachha re ! Kotha chhili bone, E ghor raate, E durjoge, andho pitare bhuli ! Aachhi saaranishi haay re Poth chaahiye, aachhi trishay kaator, De mukhe baari, kaachhe aay re !
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इंदिरा देवी चौधरनी1873–1960Rabindranath's niece — scholar, translator and musician, who set down a great many of his songs in notation.Photographer unknown, c. 1890 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1882(১২৮৯)
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