গা সখী, গাইলি যদি
Ga sokhi gaili jodi
Prem O Prakriti
गा सखी, गाइलि यदि, आवार से गान।
कतदिन शुनि नाइ ओ पुरानो तान॥
कखनो कखनो यवे नीरव निशीथे
एकेला रय़ेछि वसि चिन्तामग्न चिते–
चमकि उठित प्राण– के येन गाय़ से गान,
दुइ-एकटि कथा तार पेतेछि शुनिते।
हा हा सखी, से दिनेर सव कथागुलि
प्राणेर भितरे येन उठिछे आकुलि।
येदिन मरिव, सखी, गास् ओइ गान–
शुनिते
शुनिते येन याय़ एइ प्राण॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Gaa sokhi, gaaili jodi, aabar se gaan. Katodin shuni naai o purano taan. Kakhono kakhono jabe nirabo nishithe Ekela royechhi bosi chintamagno chite – Chamoki utthito praan – ke jeno gaay se gaan, Dui-ekti katha taar petechhi shunite. Ha ha sokhi, se diner sab kathaguli Praaner bhitor jeno utthichhe aakuli. Jedin moribo, sokhi, gaas oi gaan – Shunite shunite jeno jaay ei praan.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
यूट्यूब पर
- पर्याय
- Prem O Prakriti · 35(প্রেম ও প্রকৃতি)
- ताल
- Ara-Theka(আড়াঠেকা)
- घराना
- Hindustani
- स्वरबितान खण्ड
- Notation not available
- रचनाकाल
- 1884(১২৯১)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।
इस गीत में कोई गलती दिखी?