गान आमार याय़ भेसे याय़
Gan amar jay bhese
प्रेम
१६
गान आमार याय़ भेसे याय़–
चास् ने फिरे, दे तारे विदाय़॥
से ये
दखिनहाओय़ाय़ मुकुल झरा, धुलार आँचल हेलाय़ भरा,
से ये शिशिर-फोँटार माला गाँथा वनेर आङिनाय़॥
काँदन-हासिर आलोछाय़ा सारा अलस वेला–
मेघेर गाय़े रङेर माय़ा, खेलार परे खेला।
भुले-याओय़ार वोझाइ
भरि गेल चले
कतइ तरी–
उजान वाय़े फेरे यदि के रय़ से आशाय़॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Gaan aamar jaay bhese jaay - Chaas ne phire, de taare biday. Se je dokhinohaaway mukulo jhara, dhular aanchol helay bhara, Se je shishirphotar maala gnaatha boner anginay. Knaadon-haasir aalochaaya saara alas bela - Megher gaaye ranger maaya, khelar pare khela. Bhule-jaawar bojhai bhori gelo chole katoi tori - Ujaan beye phere jodi ke roy se aashay.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
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