गीतबितान पसंद आ रहा है? आर्काइव का समर्थन करें और सदस्य सुविधाएँ अनलॉक करें। सदस्य बनें → गीत / Puja
ঘোর দুঃখে জাগিনু
Ghor dukkhe jaginu
Puja
४३४
घोर दुःखे जागिनु, घनघोरा यामिनी
एकेला हाय़ रे–तोमार आशा हाराय़े॥
भोर हल निशा, जागे दश दिशा–
आछि द्वारे दाँड़ाय़े
उदय़पथपाने दुइ वाहु वाड़ाय़े॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ghor dukkhe jaaginu, ghanoghora jaamini
Ekela haay re - tomar aasha haaraye.
Bhor holo nisha, jaage dasho disha -
Aachhi dwaare dnaaraye
Udayopathopaane dui baahu baaraye.
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
- स्वरलिपि
- Surendranath Bandopadhyay
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