हाय় ए की समापन!
Hay e ki samapon
श्यामा Shyama से · दृश्य 4
हाय় ए की समापन! अमृतपात्र भाङिलि, करिलि मृत्युरे समर्पण; ए दुर्लभ प्रेम मूल्य हारालो कलङ्के, असम्माने !
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Haay e ki samapan ! Amritopaatro bhaangili, Korili mrityure samarpon. E durlabh prem mulyo haaralo Kalonke asammane.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
यूट्यूब पर
- पर्याय
- श्यामा(শ্যামা)
- उप-पर्याय
- श्यम(শ্যম)
- राग
- भैरवि(ভৈরবী)
- ताल
- कहर्व(কাহারবা)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- संकलन
- श्यामा(শ্যামা)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबितन १९ (श्यम)(স্বরবিতান ১৯ (শ্যামা))
- स्वरलिपि
- सुशिलकुमार भञ्ज चौधरी
- रचनाकाल
- 1936(১৩৪৩)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।