হৃদয় আমার প্রকাশ হল অনন্ত আকাশে
Hridoy amar prokash holo
Puja
२०८
हृदय़ आमार प्रकाश हल अनन्त आकाशे।
वेदन-वाँशि उठल वेजे वातासे वातासे॥
एइ-ये आलोर आकुलता ए तो जानि आमार कथा–
फिरे एसे आमार प्राणे आमारे उदासे॥
वाइरे तुमि नाना वेशे फेर नाना छले ;
जानि ने तो आमार माला दिय़ेछि कार गले।
आज की देखि परान-माझे, तोमार गलाय़ सव माला ये–
सव निय़े शेष धरा दिले गभीर सर्वनाशे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Hriday aamar prokash holo anonto aakashe. Bedon bnaashi utthlo beje baatase baatase. Ei-je aalor aakulata aamari e aapon katha - Phire ese aamar praane aamare udaase. Baaire tumi naana beshe phero naana chhale; Jaani ne to aamar maala diyechhi kaar gale. Aajke dekhi paran maajhe, tomar galay sab maala je - Sab niye shesh dhara dile gobhir sarbonashe. Sei katha aaj prokash holo anonto aakashe.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 208(পূজা)
- उप-पर्याय
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- राग
- Pilu(পিলু)
- घराना
- Hindustani
- संकलन
- Geetali
- प्रकाशित
- Probasi
- स्थान
- Surul
- स्वरबितान खण्ड
- 43
- स्वरलिपि
- Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 29 August 1914(১৩ ভাদ্র ১৩২১)
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