ये थाके थाक-ना द्वारे
Je thake thak na
पूजा
ये
थाके थाक-ना द्वारे, ये
यावि या-ना पारे॥
यदि
ओइ भोरेर पाखि तोरि
नाम याय़ रे डाकि
एका तुइ चले या रे॥
कुँड़ि
चाय़ आँधार राते
शिशिरेर रसे माते।
फोटा
फुल चाय़ ना निशा, प्राणे
तार आलोर तृषा,
काँदे से अन्धकारे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Je thaake thaak-na dwaare, je jaabi ja na paare. Jodi oi bhorer paakhi tori naam jaay re daaki Eka tui chole ja re. Knuri chaay aandhar raate shishirer rase maate. Phota phul chaay na nisha praane taar aalor trisa, Knaade se andhokare.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 2 September 1914(১৭ ভাদ্র ১৩২১)
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