जीवन यखन छिल फुलेर मतो
Jibon jakhon chhilo
पूजा
२५८
जीवन यखन छिल फुलेर मतो
पापड़ि ताहार छिल शत शत॥
वसन्ते से ह'त यखन दाता
झरिय़े दित दु-चारटि तार पाता,
तवु ये तार वाकि रइत कत॥
आज वुझि तार फल धरेछे, ताइ
हाते ताहार अधिक किछु नाइ।
हेमन्ते तार समय़ हल एवे
पूर्ण करे आपनाके से देवे,
रसेर भारे ताइ से अवनत॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Jiban jakhon chhilo phuler mato Paapri taahar chhilo shato shato. Basonte se hoto jakhon daata Jhoriye dito du-chaarti taar paata, Tabuo je taar baaki roito kato. Aaj bujhi taar phal dhorechhe, taai Haate taahar odhik kichhu naai. Hemonte taar samay holo ebe Purno kore aapnake se debe, Raser bhaare taai se abonato.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 27 August 1913(১১ ভাদ্র ১৩২০)
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