काछे छिले, दूरे गेले
Kachhe chhile dure 1
प्रेम और प्रकृति Mayar Khela से · दृश्य 6
काछे छिले,
दूरे गेले– दूर हते एसो काछे।
भुवन
भ्रमिले तुमि– से एखनो वसे आछे॥
छिल ना
प्रेमेर आलो, चिनिते पारो नि भालो–
एखन विरहानले प्रेमानल ज्वलिय़ाछे॥
जटिल हय़ेछे
जाल, प्रतिकूल हल काल–
उन्माद
ताने ताने केटे गेछे ताल।
के जाने
तोमार वीणा सुरे फिरे यावे किना–
निठुर विधिर टाने तार छिँड़े याय़ पाछे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Kaachhe chhile dure gele dur hote eso kaachhe. Bhubano bhromile tumi – se ekhano bose aachhe. Chhilo na premero aalo, chinite paaroni bhaalo, Ekhan birahaanole premanol jwoliachhe !
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- प्रेम और प्रकृति · 51(প্রেম ও প্রকৃতি)
- राग
- मिश्र-अलहिअ-मिश्र-केदर(মিশ্র-আলাহিয়া-মিশ্র-কেদার)
- ताल
- दद्र(দাদরা)
- संकलन
- मायर खेला(মায়ার খেলা)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ६१(স্বরবিতান ৬১)
- स्वरलिपि
- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1888(১২৯৫)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।