काज नेइ, काज नेइ मा
Kaj nei kaj nei ma
चण्डालिका Chandalika से · दृश्य 1
काज नेइ, काज नेइ मा, काज नेइ मोर घरकन्नाय় । याक भेसे याक याक भेसे सव वन्याय় । जन्म केन दिलि मोरे, लाञ्छना जीवन भ'रे— मा हय়े आनिलि एइ अभिशाप ! कार काछे वल् करेछि कोन् पाप, विना अपराधे एकि घोर अन्याय় ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Kaaj nei, kaaj nei maa, Kaaj nei mor gharkannaay. Jaak bhese jaak, Jaak bhese sab boanyay. Janmo keno dili more - Laanchhona jiban bhore - Ma hoye aanili ei obhshap. Kaar kaachhe bal korechhi kon paap, Bina aporadhe e ki ghor anyay.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years. / दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1938(১৩৪৫)
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