कखन दिले पराय़े
Kakhon dile paraye
प्रेम
कखन दिले पराय़े स्वपने वरणमाला,
व्यथार माला॥
प्रभाते देखि जेगे अरुण मेघे
विदाय़वाँशरि वाजे अश्रु-गाला॥
गोपने एसे
गेले, देखि नाइ आँखि मेले।
आँधारे दुःखडोरे वाँधिले मोरे,
भूषण पराले विरहवेदन-ढाला॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Kakhon dile paraaye swapone baronmaala, Byathar maala. Probhate dekhi jege orun meghe Bidaybnaashori baaje oshru-gala Gopane ese gele, dekhi naai aankhi mele Aandhare dukkhodore bnaadhile more, Bhushan parale birahobedan dhaala.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1931(১৩৩৮)
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