केन रे एतइ यावार त्वरा
Keno re etoi jabar
प्रेम
केन रे एतइ यावार त्वरा– वसन्त, तोर हय़ेछे कि भोर गानेर भरा॥ एखनि माधवी फुरालो कि सवइ, वनछाय़ा गाय़ शेष भैरवी– निल कि विदाय़ शिथिल करवी वृन्तझरा॥ एखनि तोमार पीत उत्तरी दिवे कि फेले तप्त दिनेर शुष्क तृणेर आसन मेले। विदाय़ेर पथे हताश वकुल कपोतकूजने हल ये आकुल, चरणपूजने झराइछे फुल वसुन्धरा॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Keno re eto jaabar twara - Basonto, tor hoyechhe ki bhor gaaner bhara. Ekhoni maadohbi phurolo ki sabi, Bonochhaya gaay shesh bhoirobi - Nilo ki biday sithilo karobi brintojhara. Ekhoni tomar pito uttori dibe ki phele Tapto diner shushko triner aasan mele Bidaayer pathe hatas bokul Kapotokujane holo je aakul, Charonopujane jhoraichhe phul bosundhara.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 15 March 1926(১ চৈত্র ১৩৩২)
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