কি বলিলে, কি শুনিলাম, একি কভু হয় !
Ki bolile ki shunilam
Kaal Mrigaya Kaal Mrigaya से · दृश्य 6
कि वलिले, कि शुनिलाम, एकि कभु हय় ! एइ ये जल आनिवारे गेल से सरयूतीरे— कार साध्य वधे, से ये ऋषिर तनय় ! सुकुमार शिशु से ये, स्नेहेर वाछा रे, आछे कि निष्ठुर केह वधिवे ये तारे ! ना ना ना, कोथा से आछे— एने दे आमार काछे, सारा निशि जेगे आछि विलम्व ना सय় ! एखनो ये निरुत्तर— नाहि प्राणे भय় ! रे दुरात्मा— की करिलि—
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ki bollile, ki sunilam, e ki kobhu hoy! Ei je jal aanibaare, gelo se sarajutire, Kaar saadhya badhe, se je rishiro tanay! Sukumaar shishu se je, sneher baachhare, Aachhe ki nisthur keho, bodhibe je taare. Na na na, kotha se aachhe, ene de aamar kaachhe, Saara nishi jege aachhi bilambo na soy! Ekhono je niruttar - naahi praane bhoy. Re duratma, ki korili -
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Kaal Mrigaya(কালমৃগয়া)
- उप-पर्याय
- Bibidha
- ताल
- Tritaal(ত্রিতাল)
- घराना
- Hindustani
- संकलन
- Kaal-mrigaya
- स्वरबितान खण्ड
- 29
- स्वरलिपि
- Indira Debi Chowdhurani
- रचनाकाल
- 1882(১২৮৯)
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