মা নিষাদ প্রতিষ্ঠাং ত্বমগমঃ শাশ্বতীঃ সমাঃ,
Ki bolinu ami
Balmiki Pratibha Valmiki Pratibha से · दृश्य 5
मा निषाद प्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः समाः, यৎ क्रौञ्चमिथुनादेकमवधीः काममोहितम् । की वलिनु आमि ! ए की सुललित वाणी रे ! किछु ना जानि केमने ये आमि प्रकाशिनु देवभाषा, एमन कथा केमने शिखिनु रे ! पुलके पुरिल मनप्राण, मधु वरषिल श्रवणे, ए की! हृदय়े ए की ए देखि !— घोर अन्धकार-माझे, ए की ज्योति भाय় ! अवाक्!— करुणा ए कार !
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ki bolinu aami ! Eki sulolito baani re ! Kichhu na jaani kemone je aami prokashinu debobhaasha, Emon kotha kemone shikhinu re ! Pulok e purilo monopraan, modhu borshilo shrobane, E ki ! Hridaye e ki e dekhi ! - Ghor andhokaar maajhe, eki jyoti bhaay, Abaak ! - Koruna e kaar.
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- पर्याय
- Balmiki Pratibha(বাল্মীকিপ্রতিভা)
- उप-पर्याय
- kaal-mrigaya
- राग
- Bahar(বাহার)
- ताल
- 2-2
- घराना
- Hindustani
- संकलन
- Balmiki Protibha
- स्वरबितान खण्ड
- 49
- स्वरलिपि
- Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 1880(১২৮৭)
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