गीत / Kaal Mrigaya

কী ঘোর নিশীথ

Ki ghor nisitho

Kaal Mrigaya Kaal Mrigaya से · दृश्य 4
कि घोर निशीथ, नीरव धरा !
 पथ ये कोथाय় देखा नाहि याय়,
 जड়ाय়े याय় चरणे लतापाता ।
 याइ, त्वरा क'रे येते हवे
 सरयूतटिनी-तीरे—
 कोथाय় से पथ !
 ओइ कल कल रव !
 आहा, तृषित जनक मम,
 याइ तवे याइ त्वरा ।

एइ घोर आँधार, कोथा रे यास !
 फिरिय়े या, तरासे प्राण काँपे !
 स्नेहेर पुतुलि तुइ,
 कोथा यावि एका ए निशीथे !
 कि जानि कि हवे, वने हवि पथहारा !

ना, कोरो ना माना, याव त्वरा ।
 पिता आमार कातर तृषाय়,
 येतेछि ताइ सरयूनदीतीरे ।

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

लिप्यंतरण

Ki ghor nishitho, nirabo dhara !
Path je kothay dekha naahi jaay,
Jaraye jaay charone latapaata.
Jaai, twara kore jete habe,
Sarajutotini-tire -
Kothay se path !
Oi kalo kalo rab !
Aaha, trishito janak mamo,
Jaai tabe jaai twara.

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