কী করিব বলো, সখা
Ki koribo balo sakha
Natyageeti
की करिव वलो, सखा, तोमार लागिया । की करिले जुडाइते पारिव ओ हिया ॥ एइ पेते दिनु वुक, राखो, सखा, राखो मुख— घुमाओ तुमि गो, आमि रहिनु जागिया । खुले वलो, वलो सखा, की दुःख तोमार— अश्रुजले मिलाइव अश्रुजलधार ! एकदिन वलेछिले मोर भालोवासा पाइले पुरिवे तव हृदयेर आशा । कइ सखा, प्राण मन करेछि तो समर्पण— दियेछि तो याहा-किछु आछिल आमार । तवु केन शुकालो ना अश्रुजलधार ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ki koribo balo, sokha, tomar laagiya. Ki korile juraite paaribo, o hiya. Ei pete dinu buk, raakho, sakha, raakho mukh - Ghumao tumi go, aami rohinu jaagiya. Khule balo, balo sokha, ki dukhho tomar - Oshrujale milaibo oshrujalodhaar ! Ek din bole chhile mor bhaalobasa Paaile puribe tabo hridayer aasha. Oi sakha, praan mon korechhi to samarpon - Diyechhi to jaaha - kichhu aachhilo aamar. Tobu keno shukalo na oshrujalodhaar.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Natyageeti · 15(নাট্যগীতি)
- ताल
- Kawali
- घराना
- Hindustani
- संकलन
- Bhagna-hridoy
- प्रकाशित
- Bharati
- स्वरबितान खण्ड
- Notation not available
- रचनाकाल
- 1879(১২৮৬)
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