काँदार समय़ अल्प ओरे
Kadar samoy alpo
प्रेम
काँदार समय़ अल्प ओरे, भोलार समय़ वड़ो। यावार दिने शुकनो वकुल मिथ्ये करिस जड़ो॥ आगमनीर नाचेर ताले नतुन मुकुल नामल डाले, निठुर हाओय़ाय़ पुरानो फुल ओइ-ये पड़ो-पड़ो॥ छिन्नवाँधन पान्थरा याय़ छाय़ार पाने चले, कान्ना तादेर रइल पड़े शीर्ण तृणेर कोले। जीर्ण पाता उड़िय़े फेला खेल्, कवि, सेइ शिशुर खेला– नतुन गाने काँचा सुरेर प्राणेर वेदी गड़ो॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Knaadar samay alpo ore, bholar samay baro Jaabar dine sukno bokul mithye koris jaro. Aagomonir naacher tale nutun mukul naamlo daale, Nitthur haaway purano phul oi-je paro-paro. Chhinnobnaadhon paanthora jaay chhaayar paane chale, Kaanna taader roilo pore shirno triner kole. Jirno paata uriye phela khel, kobi, sei shishur khela - Notun gaane knaacha sure praaner bedi garo.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1926(১৩৩৩)
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