কোন্ অপরূপ স্বর্গের আলো
Kon aparup swarger alo
Shyama Shyama से · दृश्य 2
कोन् अपरूप स्वर्गेर आलो देखा दिल रे प्रलय়रात्रि भेदि दुर्दिनदुर्योगे, मरणमहिमा भीषणेर वाजालो वाँशि । अकरुण निर्मम भुवने देखिनु ए की सहसा— कोन् आपना-समर्पण, मुखे निर्भय় हासि ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Kon aparup swarger aalo Dekha dilo re prolayoraatri bhedi Durdin durjoge, Maronomohima bheeshaner baajalo bnaashi. Akorun nirmam bhubane Dekhinu e ki sahosa - Kon apona-samarpan, mukhe nirbhoy haasi.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Shyama(শ্যামা)
- उप-पर्याय
- shyama
- ताल
- Kaharwa(কাহারবা)
- घराना
- Hindustani
- संकलन
- Shyama
- स्वरबितान खण्ड
- 19 (Shyama)
- स्वरलिपि
- Sushilkumar Bhanja Chowdhury
- रचनाकाल
- 1938(১৩৪৫)
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