गीत / Chitrangada

কোন্ ছলনা এ যে নিয়েছে আকার

Kon chhalona e je

Chitrangada Chitrangada से · दृश्य 3
कोन् छलना ए ये निय়ेछे आकार,
एर काछे मानिवे कि हार—
धिक् धिक् धिक् ।
वीर तुमि विश्वजय়ी,
नारी ए ये माय়ामय়ी,
पिञ्जर रचिवे कि
ए मरीचिकार ।
धिक् धिक् धिक् ।
लज्जा, लज्जा, हाय় ए की लज्जा,
मिथ्या रूप मोर, मिथ्या सज्जा ।
ए ये मिछे स्वप्नेर स्वर्ग,
ए ये शुधु क्षणिकेर अर्घ्य,
एइ कि तोमार उपहार ।
धिक् धिक् धिक् !

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

लिप्यंतरण

Kon chhalona e je niyechhe aakar,
Er kaachhe maanibe ki haar –
Dhik dhik dhik.
Beer tumi bishwojayi,
Naari e je maayamoyi –
Pinjar rochibe ki
E morichikar.
Dhik dhik dhik.
Lajja, lajja, haay e ki lajja –
Mithya rup mor, mithya sojja.
E je michhe swapner swargo,
E je shudhu khoniker argho,
Ei ki tomar upohar.
Dhik dhik dhik.

इस गीत में कोई गलती दिखी?

गलती बताएँ