कोन् छलना ए ये निय़ेछे आकार
Kon chhalona e je
चित्रांगदा Chitrangada से · दृश्य 3
कोन् छलना ए ये निय়ेछे आकार, एर काछे मानिवे कि हार— धिक् धिक् धिक् । वीर तुमि विश्वजय়ी, नारी ए ये माय়ामय়ी, पिञ्जर रचिवे कि ए मरीचिकार । धिक् धिक् धिक् । लज्जा, लज्जा, हाय় ए की लज्जा, मिथ्या रूप मोर, मिथ्या सज्जा । ए ये मिछे स्वप्नेर स्वर्ग, ए ये शुधु क्षणिकेर अर्घ्य, एइ कि तोमार उपहार । धिक् धिक् धिक् !
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Kon chhalona e je niyechhe aakar, Er kaachhe maanibe ki haar – Dhik dhik dhik. Beer tumi bishwojayi, Naari e je maayamoyi – Pinjar rochibe ki E morichikar. Dhik dhik dhik. Lajja, lajja, haay e ki lajja – Mithya rup mor, mithya sojja. E je michhe swapner swargo, E je shudhu khoniker argho, Ei ki tomar upohar. Dhik dhik dhik.
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- पर्याय
- चित्रांगदा · 11(চিত্রাঙ্গদা)
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1936(১৩৪৩)
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