क्षुधार्त प्रेम तार नाइ दय़ा
Khudharto prem tar
चण्डालिका Chandalika से · दृश्य 3
क्षुधार्त प्रेम तार नाइ दय়ा, तार नाइ भय়, नाइ लज्जा । निष्ठुर पण आमार, आमि मानव ना हार, मानव ना हार— वाँधव ताँरे माय়ावाँधने, जड়ाव आमारि हासि-काँदने । ओइ देख्, ओइ नदी हय়ेछेन पार— एका चलेछेन घन वनेर पथे । येन किछु नाइ ताँर चोखेर सम्मुखे— नाइ सत्य, नाइ मिथ्या; नाइ भालो, नाइ मन्द । दुर्वल होस ने होस ने, एइवार पड়् तोर शेषनागमन्त्र— नागपाश-वन्धनमन्त्र ।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Khudharto prem, taar naai daya, Taar naai bhoy, Naai lajja. Nistthur pan aamar, Aami maanbo na haar, maanbo na haar - Bnaadhbo taare maayabnaadhone, Jarabo aamari haasi-knaadane. Oi dekh, oi nodi hoyechhen paar - Eka cholechhen ghano boner pathe. Jeno kichhu naai taar chokher sammukhe - Naai sotyo, naai mithya; Naai bhaalo, naai mando.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years. / दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1938(১৩৪৫)
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