माना ना मानिलि, तवुओ चलिलि,
Mana na manili
कालमृगया Kaal Mrigaya से · दृश्य 4
माना ना मानिलि, तवुओ चलिलि, कि जानि कि घटे ! अमङ्गल हेन प्राणे जागे केन, थेके थेके येन प्राण केँदे ओठे ! राख् रे कथा राख्, वारि आना थाक्, या घरे या छुटे ! अय়ि दिगङ्गने, रेखो गो यतने अभय়स्नेहछाय়ाय় ! अय়ि विभावरी, राख वुके धरि भय় अपहरि राख ए जनाय় ! ए ये शिशुमति, वन घोर अति— ए ये एकेला असहाय় !
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Maana naa maanili, tabuo chalili, Ki jaani ki ghate ! Amangal heno praane jaage keno - Theke theke jeno praan knede otthe ! Raakh re katha raakh, baari aana thaak, Ja, ghare ja chhute ! Oi digangane, rekho go jatone Abhay snehochhaayay ! Ayi bibhabori, raakh buke dhori Bhay apohari, raakh e janay ! E je shishumoti, bon ghor oti - E je ekela asahay !
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इंदिरा देवी चौधरनी1873–1960Rabindranath's niece — scholar, translator and musician, who set down a great many of his songs in notation.Photographer unknown, c. 1890 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1882(১২৮৯)
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