মধুঋতু নিত্য হয়ে রইল তোমার মধুর দেশে
Madhuritu nityo hoye
Natyageeti
मधुऋतु नित्य हय़े रइल तोमार मधुर देशे– याओय़ा-आसार कान्नाहासि हाओय़ाय़ सेथा वेड़ाय़ भेसे। याय़ ये जना सेइ शुधु याय़, फुल फोटा तो फुरोय़ ना हाय़– झरवे ये फुल सेइ केवलइ झरे पड़े वेलाशेषे॥ यखन आमि छिलेम काछे तखन कत दिय़ेछि गान– एखन आमार दूरे याओय़ा, एरओ कि गो नाइ कोनो दान। पुष्पवनेर छाय़ाय़ ढेके एइ आशा ताइ गेलेम रेखे– आगुन-भरा फागुनके तोर काँदाय़ येन आषाढ़ एसे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Modhuritu niyto hoye roilo tomar modhur deshe - Jaawa-aasar kaana hnaasi haaway setha beray bhese. Jaay je jana sei shudhu jaaye, phul phota to phuroy na haay - Jhorbe je phul sei keboli jhore pare bela sheshe. Jakhon aami chhilem kaachhe takhon koto diyechhi gaan - Ekhon aamar dure jaawa, ero ki go naai kono daan. Pushpoboner chhaayay dheke ei aasha taai gelem rekhe - Aagun-bhara phaagun ke tor knaaday jeno aasharh ese.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Natyageeti · 100(নাট্যগীতি)
- स्वरबितान खण्ड
- Notation not available
- रचनाकाल
- 1915(১৩২২)
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