मिलनराति पोहालो, वाति नेभार वेला एल
Milonrati pohalo
प्रेम
मिलनराति पोहालो, वाति नेभार वेला एल–
फुलेर पाला
फुराले डाला उजाड़ करे फेलो॥
स्मृतिर छवि मिलावे यवे व्यथार ताप किछु तो रवे,
ता निय़े मने विजन खने विरहदीप ज्वेलो॥
फाल्गुनेर माधवीलीला कुञ्ज छिल घिरे,
चैत्रवने
वेदना तारि मर्मरिय़ा फिरे।
हय़ेछे शेष, तवुओ वाकि किछु तो गान गिय़ेछि राखि–
सेटुकु निय़े गुनगुनिय़े सुरेर खेला खेलो॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Milanoraati pohalo, baati nabher bela elo - Phuler paala phurale daala ujar kore phelo. Smritir chhobi milabe jabe byathar taap kichhu to rabe, Ta niye mone bijano khone biraho dip jwelo. Phaalguner maadhabilila kunjo chhilo ghire, Choitrobone bedona tori mormoriya phire. Hoyechhe shesh tabuo baaki kichhuto gaan giyachhe raakhi - Setuko niye gunguniya surer khela khelo.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1931(১৩৩৮)
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