मिटिल सव क्षुधा
Mitilo sob khudha
पूजा और प्रार्थना
मिटिल सव
क्षुधा, ताँहार प्रेमसुधा, चलो रे घरे लय़े याइ।
सेथा ये कत
लोक पेय़ेछे कत शोक, तृषित आछे कत भाइ॥
डाको रे
ताँर नामे सवारे निजधामे, सकले ताँर गुण गाइ।
दुखि कातर
जने रेखो रे रेखो मने, हृदय़े सवे देहो ठाँइ॥
सतत चाहि
ताँरे भोलो रे आपनारे, सवारे करो रे आपन।
शान्ति-आहरणे शान्ति वितरणे, जीवन करो रे यापन।
एत ये सुख
आछे के ताहा शुनिय़ाछे! चलो रे सवारे शुनाइ।
वलो रे
डेके वलो ‘पितार घरे चलो, हेथाय़ शोकताप नाइ’॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Mitilo sab khudha, tnaahar premosudha, chalo re ghare loye jaai. Setha je kato lok peyechhe kato shok, trishito aachhe kato bhaai. Daako re tnaar naame sabaare nijodhaame, sakole tnaar gun gaai. Dukhi kaatar jone rekho re rekho mone, hridaye sabe deho tthnaai. Satato chaahi tnaare bholo re aaponare, sabare karo re aapon. Shaanti-aahorane, shaanti-bitarane, jiban karo re jaapon. Eto je sukh aachhe ke taaha shuniyachhe ! Chalo re sabare shunai. Balo re deke balo pitar ghare chalo, hethaay shoko-taap naai.
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