मने की द्विधा रेखे गेले चले
Mone ki dwidha rekhe
प्रेम
मने की द्विधा रेखे गेले चले से दिन भरा साँझे,
येते येते दुय़ार हते की भेवे फिराले मुखखानि–
की कथा छिल
ये मने॥
तुमि से कि हेसे गेले आँखिकोणे–
आमि वसे वसे भावि निय़े कम्पित हृदय़खानि,
तुमि आछ दूर भुवने॥
आकाशे उड़िछे वकपाँति,
वेदना आमार तारि साथि।
वारेक तोमाय़ शुधावारे
चाइ विदाय़काले की वल नाइ,
से कि रय़े गेल गो सिक्त यूथीर गन्धवेदने॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Mone ki dwidha rekhe gele chole se din bhara snaaje, Jete jete duwar hote ki bhebe phirale mukhokhani - Ki katha chhilo je mone. Tumi se ki hese gele aankhikone - Aami bose bose bhaabhi niye kompito hridayokhani, Tumi aachho dur bhubane. Aakashe urichhe bakopnaati, Bedona aamar taari saathi. Barek tomay sudhabare chaai bidaikale ki balo naai, Se ki roye gelo go sikto juthiro gandhobedone.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1937(১৩৪৪)
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