मने रवे कि ना रवे आमारे
Mone robe ki na robe
प्रेम
१०
मने रवे कि ना रवे
आमारे से आमार मने नाइ।
क्षणे क्षणे आसि तव
दुय़ारे, अकारणे गान गाइ॥
चले याय़ दिन, यतखन
आछि पथे येते यदि आसि काछाकाछि
तोमार मुखेर चकित
सुखेर हासि देखिते ये चाइ–
ताइ अकारणे गान गाइ॥
फागुनेर फुल याय़
झरिय़ा फागुनेर अवसाने–
क्षणिकेर मुठि देय़
भरिय़ा, आर किछु नाहि जाने।
फुराइवे दिन, आलो हवे
क्षीण, गान सारा हवे, थेमे यावे वीन,
यतखन थाकि भरे दिवे ना
कि ए खेलारइ भेलाटाइ–
ताइ अकारणे गान गाइ॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Mone rabe ki na rabe aamare se aamar mone naai. Khane khane aasi tabo duware, akaarne gaan gaai. Chole jaay din, jatokhan aachhi pathe jate jodi aasi kaachhakaachhi Tomaro mukher chokito sukher haasi dekhite je chaai - Taai akaarane gaan gaai. Phaaguner phul jaay jhoriya phaaguner abosane - Khoniker muthi dey bhoriya, aar kichhu naahi jaane. Phurayibe din, aalo habe khin, gaan saara habe, theme jaabe bin, Jatokhan thaaki bhore dibe na ki e khelari bhelatai - Taai akaarane gaan gaai.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 3 March 1927(১৯ ফাল্গুন ১৩৩৩)
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