ना चाहिले यारे पाओय़ा याय़
Na chahile jare
प्रेम
ना चाहिले यारे पाओय़ा
याय़, तेय़ागिले आसे हाते,
दिवसे से धन हाराय़ेछि
आमि– पेय़ेछि आँधार राते॥
ना देखिवे तारे, परशिवे ना गो, तारि पाने प्राण मेले
दिय़े जागो–
ताराय़ ताराय़ रवे तारि
वाणी, कुसुमे फुटिवे प्राते॥
तारि लागि यत फेलेछि अश्रुजल
वीणावादिनीर शतदलदले करिछे से टलोमल।
मोर गाने गाने पलके पलके झलसि उठिछे झलके
झलके,
शान्त हासिर करुण
आलोके भातिछे नय़नपाते॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Na chaahile jaare paawa jaay, teyagile aase haate, Dibase se dhan haarayechhi aami - peyechhi aandharo raate. Na dekhibe taare, paroshibe na go, taari paane praan mele diye jaago - Taaray taaray rabe taari baani, kusume phutibe praate. Taari laagi jato phelechhi oshrujal Binabaadinir shatodalodale korichhe se talomal. Mor gaane gaane paloke paloke jhalosi utthichhe jhaloke jhaloke, Shaanto haasiro koruno aaloke bhaatichhe nayonpaate.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1933(১৩৪০)
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