ना, येय़ो ना, येय़ो नाको
Na jeyo na jeyo nako
प्रकृति Basanta से
झुमकोलता - ना, येय়ो ना, येय়ो नाको । मिलनपिय়ासी मोरा, कथा राखो, कथा राखो । आजओ वकुल आपनहारा, हाय় रे, फुल फोटानो हय় नि सारा, साजि भरे नि, पथिक ओगो, थाको थाको । चाँदेर चोखे जागे नेशा, तार आलो— गाने गन्धे मेशा देखो चेय়े कोन् वेदनाय় हाय় रे, मल्लिका ओइ याय় चले याय় अभिमानिनी । पथिक, तारे डाको डाको ।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Na, jeyo na jeyo naako. Milonopiyasi mora - katha raakho katha raakho. Aajo bokul aaponohaara haay re, phul phontano hoy ni saara, Saaji bhore ni - Pothik ogo thaako thaako Chnaader chokhe jaage nesha, Taar aalo gaane ghandhe mesha. Dekho cheye kon bedonay haay re mollika oi jaay chole jaay Obhimaanini - Pothik, taare daako daako.
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- दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 11 February 1923(২৯ মাঘ ১৩২৯)
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