না সখা, মনের ব্যথা
Na sokha moner byatha
Natyageeti
ना सखा, मनेर व्यथा कोरो ना गोपन। यवे अश्रुजल हाय़ उच्छ्वसि उठिते चाय़ रुधिय़ा रेखो ना ताहा आमारि कारण। चिनि, सखा, चिनि तव ओ दारुण हासि— ओर चेय़े कत भालो अश्रुजलराशि। माथा खाओ— अभागीरे कोरो ना वञ्चना, छद्मवेशे आवरिय़ा रेखो ना यन्त्रणा। ममतार अश्रुजले निभाइव से अनले, भालो यदि वास तवे राखो ए प्रार्थना॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Na sakha, moner byatha koro na gopan. Jabe oshrujal haay uchchhwosi utthite chaay Rudhiya rekho na taaha aamari kaaron. Chini, sakha chini tabo o daarun haasi - Or cheye kato bhaalo oshrujaloraashi. Maatha khaao - abhaageere koro na banchona, Chhaddabeshe aboriya rekho na jantrona. Mamotar oshrujale nibhaibo se anale, Bhaalo jodi baso tabe raakho e praarthona.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Natyageeti · 17(নাট্যগীতি)
- राग
- Iman-Kalyan(ইমন-কল্যাণ)
- ताल
- Kawali
- प्रकाशित
- Bharati
- स्वरबितान खण्ड
- Notation not available
- रचनाकाल
- 1879(১২৮৬)
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