निर्जन राते निःशव्द चरणपाते
Nirjan rate nihshabdo
प्रेम और प्रकृति
निर्जन राते निःशव्द चरणपाते केन एले । दुयारे मम स्वप्नेर धन-सम ए ये देखि— तव कण्ठेर माला ए कि गेछ फेले । जागाले ना शियरे दीप ज्वले— एले धीरे धीरे निद्रार तीरे तीरे, चामेलिर इङ्गित आसे ये वातासे लज्जित गन्ध मेले ॥ विदायेर यात्राकाले पुष्प-झरा वकुलेर डाले दक्षिणपवनेर प्राणे रेखे गेले वल नि ये कथा काने काने— विरहवारता अरुण-आभार आभासे राङाये गेले ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Nirjano raate nihshabdo charonopaate keno ele. Duware mamoswapner dhan-samo e je dekhi – Tabo kanther maala e ki gechho phele. Jaagale na shiyare dip jwele – Ele dhire dhire nidraar tire tire, Chaamelir ingit aase je baatase lojjito gandho mele. Bidaayer jaatrakale puspo jhara bokuler daale Dokkhinopaboner praane Rekhe gele balo ni je katha kaane kaane – Birahobaarota aruno aabhar abhaase rangaye gele.
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- प्रेम और प्रकृति · 96(প্রেম ও প্রকৃতি)
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1940(১৩৪৭)
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