ओ आमार चाँदेर आलो
O amar chander alo
प्रकृति Basanta से
वकुल - ओ आमार चाँदेर आलो, आज फागुनेर सन्ध्याकाले धरा दिय়ेछ ये आमार पाताय় पाताय় डाले डाले । ये-गान तोमार सुरेर धाराय় वन्या जागाय় ताराय় ताराय়, मोर आङिनाय় वाजल से-सुर आमार प्राणेर ताले ताले । सव कुँड়ि मोर फुटे ओठे तोमार हासिर इशाराते । दखिनहाओय়ा दिशाहारा आमार फुलेर गन्धे माते । शुभ्र, तुमि करले विलोल आमार प्राणे रङेर हिलोल, मर्मरित मर्म आमार जड়ाय় तोमार हासिर जाले ।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
O aamar chnaader aalo, aaj phaaguner sondhakaale Dhora diyechho je aamar paatay paatay daale daale. Je gaan tomar surer dhaaray bonya jaagay taaray taaray Mor aanginay baajlo go, baajlo je sur aamar praaner taale taale. Sob knuri mor phute otthe tomar hassir ishaarate. Dokhin-haawa dishahara aamar phuler ghondhe maate. Shubro, tumi korle bilol aamar praane ronger hilol - Marmorito marmo go Marmo aamar joray tomar haasir jaale.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 31 January 1923(১৮ মাঘ ১৩২৯)
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