ও নিঠুর, আরো কি বাণ তোমার তূণে আছে
O nithur aro ki ban
Puja
२१७
ओ निठुर, आरो कि वाण तोमार तूणे आछे?
तुमि मर्मे आमाय़ मारवे हिय़ार काछे॥
आमि पालिय़े थाकि, मुदि आँखि, आँचल दिय़े मुख ये ढाकि गो–
कोथाओ किछु आघात लागे पाछे॥
आमि मारके तोमार भय़ करेछि व’ले।
ताइ तो एमन हृदय़ ओठे ज्वले।
ये दिन से भय़ घुचे यावे से दिन तोमार वाण फुरावे गो–
मरणके प्राण वरण करे वाँचे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
O nitthur, aaro ki baan tomaar tune aachhe ? Tumi marme aamay maarbe hiyar kaachhe. Aami paaliye thaaki, mudi aankhi, aanchol diye mukh je dhaaki go - Kothaao kichhu aaghat laage paachhe. Aami maarke tomar bhoy karechhi bole Taai to emon hriday otthe jwole. Je din se bhay ghuche jaabe se din tomaar baan phurabe go - Maronke praan baron kore bnaache.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 217(পূজা)
- उप-पर्याय
- Dukkha
- राग
- Baul-Sur
- ताल
- Kaharwa(কাহারবা)
- संकलन
- Geetali
- स्थान
- Shantiniketan
- स्वरबितान खण्ड
- 44
- स्वरलिपि
- Sudhir Chandra Kar
- रचनाकाल
- 23 August 1914(৭ ভাদ্র ১৩২১)
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