ओगो वधू सुन्दरी
Ogo bodhu sundori
प्रकृति
ओगो वधू सुन्दरी, तुमि मधुमञ्जरी, पुलकित चम्पार लहो अभिनन्दन– पर्णेर पात्रे फाल्गुनरात्रे मुकुलित मल्लिका-माल्येर वन्धन। एनेछि वसन्तेर अञ्जलि गन्धेर, पलाशेर कुङ्कुम चाँदिनिर चन्दन– पारुलेर हिल्लोल, शिरीषेर हिन्दोल, मञ्जुल वल्लीर वङ्किम कङ्कण– उल्लास-उतरोल वेणुवनकल्लोल, कम्पित किशलय़े मलय़ेर चुम्वन। तव आँखिपल्लवे दिय़ो आँकि वल्लभे गगनेर नवनील स्वप्नेर अञ्जन॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ogo bodhu sundari, tumi modhumanjari, Pulakito champar laho obhinandano – Parner paatre phalgunraatre mukulito mollika-maalyer bandhano. Enechhi basonter anjali gandher, Palasher kumkum, chnaadinir chandano – Paruler hillol, shirisher hindol, manjul ballir bankimo kankano. Ullas-utorol benubonokallolo, Kompita kishaloye malayero chumbano. Tabo aankhipallabe diyo aanki ballabhe Gagoner naboneel swaponero anjano.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1924(১৩৩১)
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