ओइ झञ्झार झङ्कारे वाजल भेरी, वाजल भेरी
Oi jhanjhar jhankare
विचित्र
ओइ झञ्झार झङ्कारे वाजल भेरी, वाजल भेरी । कखन् आमार खुलवे दुयार— नाइको देरि, नाइको देरि ॥ तोमार तो नय घरेर मेला, कोणेर खेला गो— तोमार सङ्गे विषम रङ्गे जगৎ जुडे फेराफेरि ॥ मरण तोमार पारेर तरी, काँदन तोमार पालेर हाओया— तोमार वीणा वाजाय प्राणे वेरिये याओया, हारिये याओया । भाङल याहा पडल धुलाय याक्-ना चुलाय गो— भरल या ताइ देख्-ना, रे भाइ, वातास घेरि, आकाश घेरि ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Oi jhanjharo jhankare baajlo bheri, baajlo bheri. Kakhon aamar khulbe duwar - naaiko deri, naaiko deri. Tomar to noy gharer mela, koner khela go - Tomar sange bisham range jagot jure pheraphri. Maron tomar paarer tori, knaadan tomar paaler haawa - Tomar beena baajai praane beriye jaawa, haariye jaawa. Bhaanglo jaaha porlo dhulay jaak-na chulay go - Bhorlo ja tai dekh-na, re bhaai, baatas gheri, aakash gheri.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 12 April 1916(২৯ চৈত্র ১৩২২)
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