ओइ मालतीलता दोले
Oi malatilata dole
प्रकृति
ओइ मालतीलता दोले
पिय़ालतरुर कोले पूव-हाओय़ाते॥
मोर हृदय़े लागे
दोला, फिरि आपन-भोला–
मोर भावना कोथाय़ हारा मेघेर मतन
याय़ चले॥
जानि ने कोथाय़ जागो ओगो वन्धु परवासी–
कोन् निभृत वाताय़ने।
सेथा निशीथेर जल-भरा कन्ठे
कोन् विरहिणीर वाणी तोमारे की
याय़ वले॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Oi maalotilata dole Piyalotoruro kole pub haawate. Mor hridaye laage dola, phiri aaponobhola - Mor bhaabona kothay haara megher maton jaay chole. Jaani ne kothay jaago ogo bondhu parobaasi - Setha nishither jalo-bhara kanthe Kon birohinir baani tomare ki jaay bole.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
यूट्यूब पर
- पर्याय
- प्रकृति · 111(প্রকৃতি)
- उप-पर्याय
- बोर्श(বোর্শ)
- राग
- पिलु(পিলু)
- ताल
- कहर्व(কাহারবা)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- ऋतु
- बरसात(বর্ষা)
- प्रकाशित
- प्रोबसि(প্রবাসী)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ५४(স্বরবিতান ৫৪)
- स्वरलिपि
- शांतिदेव घोष
शांतिदेव घोष1910–1999An ashramite of Santiniketan who learnt his songs from Rabindranath himself and travelled with him to Sri Lanka, Java and Bali. Singer, dancer, actor, author and long-serving teacher at Sangit Bhavana.Photographer unknown, 1980 · Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0 - रचनाकाल
- 1936(১৩৪৩)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।