ओरे वकुल, पारुल, ओरे शाल-पियालेर वन,
Ore bokul parul ore 1
प्रकृति
ओरे वकुल, पारुल, ओरे शाल-पियालेर वन, कोन्खाने आज पाइ एमन मनेर मतो ठाँइ येथाय फागुन भरे देव दिये सकल मन, दिये आमार सकल मन ॥ सारा गगनतले तुमुल रङेर कोलाहले मातामातिर नेइ ये विराम कोथाओ अनुक्षण येथाय फागुन भरे देव दिये सकल मन, दिये आमार सकल मन ॥ ओरे वकुल, पारुल, ओरे शाल-पियालेर वन, आकाश निविड क'रे तोरा दाँडास ने भिड क'रे— आमि चाइ ने, चाइ ने, चाइ ने एमन गन्धरङेर विपुल आयोजन । अकुल अवकाशे येथाय स्वप्नकमल भासे दे आमारे एकटि एमन गगन-जोडा कोण— येथाय फागुन भरे देव दिये सकल मन, दिये आमार सकल मन ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ore bokul, paarul, ore shaal-piyaler bon, Konkhane aaj paai Emon moner moto tthnai Jethay phaagun bhore debo diye sakol mon, Diye aamar sakol mon. Saara gagontale tumul ronger kolahale Maatamatir nei je biram kothao onukhan, Jethay phaagun bhore debo diye sakol mon, Diye aamar sakol mon. Ore bokul, paarul, ore shaal-piyaler bon, Aakash nibir kore Tora dnaaras ne bhir kore - Aami chaai ne, chaai ne, chaai ne emon Gandhoranger bipul aayojan. Akul abokashe jethay swapnokamol bhaase Dey aamare ekti emon gagon-jora kon - Jethay phaagun bhore debo diye sakol mon, Diye aamar sakol mon.
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- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 1923(১৩৩০)
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